उदीच्या ब्राह्मणौ (सर्व ब्राह्मण) के वैवाहिक विज्ञापन भी स्वीकार्य।

हमारी नवीन व्यवस्था के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान रखते हुए अब इस साइट पर सर्व ब्राह्मण के वैवाहिक विज्ञापन भी स्वीकार किए जाएंगे, ओर प्रकाशित होंगे, समस्त जानकारी मेल से प्रेषित की जा सकती है। आप स्वविवेक से वैवाहिक संबंध बनाने के लिए स्वतंत्र हें।  इसके लिए अलग से हेडिंग दिया जा रहा है। विधवा/ विधुर/परित्यक्ता के विज्ञापन विशेष रूप से प्रदर्शित(हाइलाइट) किए जाएंगे। 
 उदीच्य ब्राह्मण कोन? - उदीच्य का अर्थ है, उदित होता हो जहां से सूर्य अर्थात पूर्व दिशा। 
उदीच्या ब्राह्मण का अर्थ है - पूर्वोत्तर भारत में निवास करने वाले सभी ब्राह्मण। हमारे देश भारत को विंध्याचल पर्वत श्रंखला दो भागों में विभाजित कर दिया है। आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज ने भौतिक परिस्थितियो, भाषा की समंजस्यता, देश काल ओर परिस्थिती के अनुसार सर्व ब्राह्मणो को उदीच्या ओर द्रविड़ दो नाम दिये थे। अन्य ब्राह्मण नाम यथा कानकुब्ज, सरूयूपारीय नार्मदी, आदि आदि नाम करण स्थान भेद से, इसी प्रकार कर्म भेद जैसे व्यास,पोरोहित, जोशी, ओर एक सहस्त्र की संख्या में सिद्धपुर गुजरात में एकत्र किए गए ब्राह्मण सहत्रोदीच्या [सहस्र औदीच्य] कहलाए थे। इस प्रकार से सभी उत्तर भारत में निवास करने वाले ब्राह्मण "उदीच्य ब्राह्मण" हें। वर्तमान में जो सर्व ब्राह्मण शब्द प्रचलित है वह अनुपूक्त है "सर्व ब्राह्मण" शब्द के स्थान पर उदीच्या ब्राह्मण कह देने से उत्तर भारत सभी ब्राह्मण इसके अंतर्गत आ जाते हें।


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