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पाठको की कलम से-



आपके पत्र -- पाठको की कलम से ।
[इस स्थाई स्तम्भ में पाठको से प्राप्त - ई मेल संदेश ओर टिप्पणियाँ प्रकाशित होंगी।]

अखिल भारतीय औदीच्य महासभा रजि. : पाठको की कलम से: में आई टिप्पणियों ओर आपके ई पत्र के लिए क्लिक करें । ====================================================================
  • from - hindukrantivir@aol.com 03/03/14 /4:48 am
माननिय महोदय श्री डॉ. मधुसुदनजी व्यास,
    जय श्री गोविन्द माधवजी । 
    नमस्कार ! 
    आपके प्रत्युत्तर और प्रतिभावके लीए धन्यवाद. सीदी सुनके आपको आनंद प्राप्त हुआ ये जानकर प्रसन्नत हुई । हमारे औदिच्य बंधुंओंको ये सीडी ऑन लाइनके माध्यमसे औदीच्या बंधु वेव द्वारा उपलब्ध करवानेका प्रस्ताव सुंदर और आवकारदायक हैं । आपके प्रस्तावके लीए आभार । हाल मैं भारत्के महान क्रांतिकारी स्वातंत्र्य संग्रामी पंडित श्यामजीके जीवन और कार्य पर एक सीडी रोम और उनको श्रद्धांजलि समर्पित करते मेरे गीतोंकी एम्पी थ्री सीडी प्रकशित करनेके कार्यमें व्यस्त हुं तो अगले दो महीनेके बाद उन विषय पर कार्यरत होनेकी संभावन हो शक्ति हैं । जैसे ही उन पर कार्य होग तो आपको सुचित करके शकटांम्बिका माताजीकी सीडी लिंक बननेके बाद औदीच्या बंधु वेव पर सभी को सुलभ कारवाई जा शक्ती हैं । 

    गत मासिकमें महान राष्ट्रकवि स्व. प्रदीपजीके जीवन पर लेख पढकर प्रसन्नतके साथ गौरवकी अनुभूति प्रापत हुई । हमारे समाजके ऐसे महान राष्ट्रकवि के राष्ट्रवादी गीतों और भक्तिगीतोंकी विशेष स्मरणीय सीडी आल्बम या वीसीडी मेरे वतनके लोगो गीत की ५०वी जयंति पर प्रकाशित हो शके तो वो वो उनको एक अमूल्य श्रद्धांजली हो शक्ती है । मैंने शेमरू कंपनी, मुंबई, को प्रस्ताव मेरे परिचित व्यक्ति जो कंपनीमें प्रभावीत स्थान पर हैं उसे भेजा हैं । आपभी संस्थाकी तरफसे लीख शक्ते हो । 
    ईस पत्रके साथ मेरे अल्बुम ''जयहिंदुत्वम' में मैणॅ ऍ एक गीत स्व. प्रदीपजीके '' ये मेरेवतन्के लोगों पर आधारीत गीत लीखाथा वो भेज रह हुं अपेक्ष रकहता हुं कि आपको पसंद आयेगा । 
    शुभेच्छा एवम शुभकामन
    हेंमंतकुमर पाध्या
    यु.के. 

    उत्तर- वास्तव में आपने बहुत सुंदर प्रस्तुती दी है इसके लिए साधुवाद, इन गीतों की लिंक सभी को उपलब्ध हो तो सभी आनंद ले सकेंगे। आपका धन्य वाद -। डॉ मधु सुदन व्यास 3 मार्च 14
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  • Brahmtej ने  महामालव औदीच्य ब्रह्म समाज धर्मशाला चिंतामन रोड उज... " पर एक टिप्पणी छोड़ी : 
  • Audichya Sahtra Brahmin World wide spread ,but for integrating them for a Siddhpur original place /Native of 1000 families no reponses on such a remarkable support for future generation.Gujarat state is allready pottentially /thckly resided community of Audichya Sahstra Brahmin , no such organization for Audichya sahstra Brahmin samaj smarak/ foundation at Siddhpur .
  • Ghanshyam Jani/21/13 को  "अमेरिका मै एक थका हुवा भारतीय आराम से बेठा था,वो थोड़ी घुटन भी महसुश करता था,सायद इंग्लिश बोल बोल के थक गया होगा,बहोत से लोग वहासे पसार होते थे ,वो ध्यान तक नहीं देता था इतना थक चका था,तब उशिके कानो पर भारतीय भाषा सुनाई पड़ी वो एकदम चोकन्ना हो गया उठ पड़ा और वो भारतीय के पास पहुच गया, और बोला आप भारतीय हो आपको मिलकर बहोत ख़ुशी हुई,दूसरा जो भारतीय था वो पहेले को देखने लगा, और बोला हा मै हु पहेचाना भारत मै मे तुम्हारा पडोशी हु वहा कभी तुमने मेरी तरफ देखते भी नहीं थे और आज" .........ये हाल है हम ओदिच्य ब्राह्मणों का ,जितने वतन से दूर है वहा प्रेम जयादा है और जो पास है उनको अपने भाई की परवा नहीं .औदिच्य ब्राह्मण संगठन बरक़रार रहे ऐशी सुभ कामना और नये नये काम करते रहो महामालव औदीच्य ब्रह्म समाज धर्मशाला चिंतामन रोड उज्जैन का निर्माण प्रारम्भ ।पर 
  • शिश्यवृत्ती योजना हेतु 11 बालिका के अभीभावक हेतु स्वीकृती मिल गयी है ..... आवेदन आमंत्रित है शिश्यवृत्ती योजना हेतु 11 बालिका के अभीभावक हेतु स्वीकृती मिल गयी है ..... आवेदन आमंत्रित है तत्काल सादे कागज पर अपनी आवेदन करे .... प्रबोध पण्ड्या....उज्जैन.....09425050590 मनीष गौतम .....इंडोर ,....919926476476542 आओ ''औदीच्य अभिभावक '' बने । पर

गौत्र ओर कुलदेवी विषयक पुस्तक की जानकारी के बारे में हमारा उत्तर ।

Hi,
I recently read one of your blog regarding Gotra and Kuldevi, also liked recently released book about Bramhan Ancestry.
http://brahmtejblogspotcom.blogspot.com.au/2012/02/gotrakuldevi-according-surname-for.html
I would like to purchase one in Gujarati, could you please advise me if it is available. If so, please let us know method of payment.
  Also, My family and I are looking for our actual Kuldevi for last few years. I heard my grand father telling us that we used to be Vashistha Gotra and then converted to Parasara. Still unable to find actual history. I was wondering if you have any book which help us finding our roots..
Thanks
S Thaker
19/ 02 2014
San Thaker sant2178@gmail.com
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श्री ठाकर साहब, 
जय गोविंद माधव,
 आपने वशिष्ठ गौत्र जो की आगे चलकर पाराशर गौत्र बना के बारे में जानना चाहा है। में भी पाराशर गौत्र का ही हूँ। हमारी कुलदेवी क्षेमप्रदा या क्षेमकारी माता, हम यजुर्वेदीय, गणपती महोदर,शाखा मध्यानंदनी है,  अखिल भारतीय औदीच्य महासभा मप्र इकाई ने अभी 250 प्रष्ट की एक पुस्तक श्रीस्थल प्रकाश प्रकाशित की है, इस ग्रंथ में बने चार्ट में सभी गोत्रों में उत्पन्न औदीच्य ब्राह्मणो के विवरण अंकित हें। इस ग्रंथ जो की मूल रूप से संस्कृत(संभवतय 12 वीं सदी में लिखित)  में था का या एक हिन्दी अनुवाद है।  ब्रह्मण उत्पत्ति मार्तंड आदि अन्य ग्रंथ 15 वीं सदी के आस-पास लिखे गए हें। इसके चार्टों का लघुरूप इन डिजिटल पुस्तक   गौत्र आदि  का ज्ञान  में मिल जाएगा। यह लिंक क्लिक करते ही आपको यह खुल जाएगा। ग्राम आदि के दान के मान से विवरण श्रीस्थल प्रकाश में मिल सकता है। यह पुस्तक आपको रु 150/- जो की लागत सहयोग शुल्क , में उज्जैन में प्राप्त हो सकता है। 40 रु अतिरिक देने पर यह VPP से भी प्रेषित किया जा रहा है। 
पाराशर गौत्र में कुलदेवी कई हें उनके बारे में हम सारी जानकारी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हें। जानकारी एकर होते ही हम औदीच्य बंधु वेव   (देखे लिंक) पर  प्रसारित कर देंगे। साथ ही शीग्र ही पुस्तिका भी प्रकाशित करने का विचार रखते हें। इस विषय में आपको कोई भी किसी भी गौत्र विषयक जानकारी हो तो कृपया भेजें। 
 मुझसे कोई भूल न हो रही हो ओर आप सूरत से हें तो, शायद  मेरी आपसे फोन पर चर्चा भी हुई है । 
पुरानी पुस्तकें/ ग्रांट आदि की फोटो प्रतियाँ भी हा सब तलाश कर रहे हें। यदि आपके पास कोई एसी पाण्डुलिपि आदि हो तो कृपया संपरक करें हम यदि वह हमारे पास नहीं है तो हम उसकी फोटोकपि लेना चाहेंगे। जिससे भविष्य में अन्य जानकारी उपलब्ध करने में सहायक हो। 
आपका धन्यवाद 
संपर्क बनाये रखें। 
डॉ मधु सुदन व्यास
उपाध्यक्ष अखिल भारतीय औदिच्या महासभा मप्र इकाई 
एम आई जी 4/1 प्रगति नगर उज्जेंन मप्र 
फोन 09425379102/ 0734-2519707  
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समाज हित में प्रकाशित। आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।

पाठकों की कलम से-

Rameshchandra Pujari
12:44 am (8 घंटे पहले)

मान्यवर महोदय डॉ मधुसूदन व्यासजी
बारडोली ,जिल्ला सुरत ,गुजरात से रमेशचन्द्र पूजारी
प्रणाम ,
मेरा गोत्र कृष्णात्रेय है । मै  औदीच्य ब्राम्हण हु  और मेरेको
श्रीस्थल प्रकाश पुस्तक  चाहिए । आपश्री वी पी पी [VPP POST]पोस्ट द्वारा भेज शकते है ।
मेरा पता
रमेशचन्द्र छोगालाल पूजारी [दवे ]
105 –महावीर पेलेस ,उपली बाज़ार
मुख्य पोस्ट ऑफिस के पास
मु. पोस्ट बारडोली ,जिल्ला सुरत गुजरात
पिन कोड  394601 , मो 09427125749
कृपा करके श्रीस्थल प्रकाश पुस्तक भेजे, वीपीपी के सिवा और कोई व्यवस्था हो तो बताए
कृपा करके उत्तर दीजिये
प्रणाम  
रमेशचन्द्र पूजारी  
Rameshchandra Pujari <pujarirc@yahoo.com>

उत्तर-  8 जनवरी 09:45 AM
v p p से भेजने की व्यवस्था एक माह में की जा रही है। आपको इस विषय में अवगत कर दिया जा सकेगा। यदि कोई उज्जैन संपर्क हो तो शीघ्र प्राप्त कर सकेंगे।

उत्तर- 2 
श्री पुजारी जी 
जय गोविंद माधव । 
आपने पूर्व में श्रीस्थल प्रकाश के लिए लिखा था अब यह वीपीपी से भेजी जा सकेगी । इसका लागत सहयोग शुल्क रु 150/ + 40 पोस्टल एंड पेकीग योग रु 190/- की वीपीपी प्रेषित की जा सकेगी। अपना नाम/ पता/ शहर/ ग्राम/ तहसील जिला/ राज्य ओर  पिन कोड,सहित आदेश देवे। धन्यवाद । 
डॉ मधु सुदन व्यास/ 21/02/2014 
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Mananiya Mahoday Shri Madhusudanji,

Namaskar

JAY GOVIND MADHAVJI.

Thank you for the news on yournew publication.It is a great pleasure to hear that the hindi translation of 'SHRISTHAL PRAKASH OR UDICHYA PARAKA' is going to be published and launched on 5the January. I wish you all the best on the launching of the publication and i hope that this would help all young  Audichya brahmans to learn more about their past and history along with their Gotras. You have done this great job to revive the knowledge of Audich Brahman's history and lineage in this illusioned   world where people forgetting their illustrious history and the modern concept of Genealogy and the danger of marrying in Sahotra.

SHUBHECHCHHA EVAM SHUBHAKAMANA

HEMANT PADHYA 
2014/1/3 <hindukrantivir@aol.com>
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भागवताचार्य सन्‍त श्री रमेशभाई ओझा [पर 3 टिप्‍पणियां:]






Brahmtej ने कहा20-10-2012
भागवताचार्य सन्‍त श्री रमेशभाई ओझा
लेबल: औदीच्य समाज के गोरव

विशेष टिप्पणियाँ- पाठकों की कलम से ।

आज की परिस्तिथि को देखते हुए मेरे विचार से युवाओं में संवेदनाओ की कमी दिखाई देती है | कोई भी फैसला लेना और उसपर पूरी तरह से विश्वास बनाये रखना भावी दंपत्ति ही नहीं अपितु माता-पिता की भी जिम्मेदारी है | समाज में

श्री हेमंतकुमार पाध्या का यूके से पत्र ओर जाती बंधुओ को संपर्क आमंत्रण।

हमारे कई बंधु विदेशो में निवास कर रहे हें,उनके मेल ओर पत्र सतत आते रहते हें। कभी कभी जिज्ञासा अथवा समाज के लिए कुछ करने की भावना से भी संपर्क किया जाता हे। श्री हेमंतकुमार पाध्या के निम्न पत्र व्यवहार का उद्धेश्य भी यही प्रतीत होता है, अत: इसे सभी स्वजनो से साझा कर रहा हूँ। इसमें कुछ जानकारी के साथ समाज के संगीत कलाकारो को भी आमत्रित किया है। उनके द्वारा अट्टेच की गई लिंक्स भी जोड़ दी गई हें।   पाठक भी स्वयं सीधे संपर्क कर सकते ओर लिंक देख सकते हें।  
मूलत: प्राप्त(सशोधन/ सम्पादन नहीं किया गया है। देखे --- 
पत्र -1