सोमवार, 28 जुलाई 2014

Rm 1400703 युवक- अनिरुद्ध त्रिवेदी, B॰E॰ IT प्रोजेक्ट एंजिनियर विप्रो

Rm 1400703 युवक -
नाम-                                          अनिरुद्ध त्रिवेदी, 
पिता का नाम-                            राजीव त्रिवेदी 

उज्जैन औदीच्य समाज वरिष्ठ जन समिति का क्रांतिकारी आयोजन- विधवा, परित्‍यक्‍ता बेटियों के जीवन में इन्‍द्रधनुषीय रंग भरने वालों का सम्मान।

उज्जैन 27/7/2014  
आओ कुछ करें -
शुष्‍क जीवन के केनवास पर दाम्‍पत्‍य जीवन का रंग भरें।  
औदीच्य समाज वरिष्ट जन समिति उज्जैन के तत्वावधान में उज्जैन शहर में 27 जुलाई 14 को दो बड़े ही क्रांतिकारी कार्य सम्पन्न हुए । समाज के दो अविवाहित युवको का जिनमें एक ने एक दो पुत्रियों की माता विधवा औदीच्य युवती से एवं एक ने तलाक प्राप्त युवती से विवाह कर उनके सूने जीवन में रंग भरे, सम्मान हुआ। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने उज्जैन महिला संगठन के सहयोग से इस सम्मान समारोह का आयोजन कर सम्मान पत्र और प्रशंसा द्वारा सम्मानित किया  निश्चय ही भविष्य में ये सारे समाज के लिए बड़े ही अनुकरणीय उदाहरण बनेगे।

शनिवार, 26 जुलाई 2014

चिर यौवन का रहस्य।

चिर यौवन का रहस्य।  
 बूढ़ा कोन ?  क्या आयू  अधिक हो जाने से कोई बूढ़ा है?
मेरे विचार से जब भी जो व्यक्ति किसी भी नई बात को सीख नहीं सकता या नया काम नहीं कर सकता दूसरे शब्दो में कहें तो स्वयं को बदल नहीं सकता वह व्यक्ति ही बूढ़ा होता है।  
आयु की अधिकता या परिपक्वता के समय तक, प्रत्येक मनुष्य का अधिकतम विकास होता रहता है। इस परिपक्व आयु के समय जब उसे लगाने लगता है, की उसका काम पूरा हो गया, उसने सब कुछ जान लिया, और अब जानने या करने योग्य कुछ शेष नहीं बचा है, बस यही वह क्षण है, जहां से व्यक्ति बूढ़ा होना शुरू हो जाता है। उसकी तमाम इंद्रियाँ साथ छोड़ने लगतीं हें।
इसके विपरीत जो व्यक्ति हर समय (आयु की परिपक्वता के बाद भी,) कुछ न कुछ सीखने या जानने का प्रयत्न करता रहता है, वह उत्साही चिर युवा बना रहता है।  कहा गया है - मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।
यदि हम यह कामना करते रहें, की हम शतायु होंगे, हमारे सुनने देखें की क्षमता बनी रहेगी, हम दीन हीन, पराधीन नहीं, अपना सब काम स्वयं कर सकते हें, मनुष्य की आयु परमात्मा ने सौ वर्ष दी है तो फिर में निश्चय ही सौ वर्ष तक जीवित रहूँगा। तो कोई कारण नहीं की वह बूढ़ा हो जाए।
शरीर विज्ञानियों ने यह सिद्ध किया है, की शरीर की करोड़ों पुरानी कोशिकाएं प्रति क्षण नष्ट होती हें, और उतनी से अधिक पुन: बन जातीं हें। मस्तिष्क के कोषों पर भी भी जितना अधिक दवाव या जौर डाला जाए, उतने ही अधिक संख्या में, अधिक सक्षम और नवीन बनते रहते हें, और इसके विपरीत जितना अधिक आराम उन्हे दिया जाए, काम न होने से वे उतने ही अधिक तेजी से कम, और निर्बल होने लगते हें।
आयु की परिपक्वता के समय भी यही होता है, अधिकतर व्यक्ति कुछ भी नया सीखने जानने या करने के बजाय यह विचार करते हें, की अब बहुत कर लिया अब तो आराम करना  चाहिए, - बस यहीं से उनका बुढ़ापा शुरू हो जाता है, और वे धीरे धीरे निर्बल, पराधीन बुड्ढे होने लगते हें। कई कम आयु के जवान व्यक्ति भी इसी सौच के चलते असमय बूढ़े हो जाते हें।
बुढ़ापे को दूर रखने का सबसे अच्छा उपाय है, की हम हमेशा अपने मन में अपनी युवावस्था की गतिविधियों को सामने रखें, अपने मन को वैसा ही तरोताजा, प्रफुल्लित लचीला अनुभव करें। शरीर की फिजिकल सक्रियता,और मानसिक सक्रियता वनाए रखने के लिए यही सौचें, कि में सब कुछ कर सकता हूँ, और सतत नया करते रहें, सीखते रहें,  तो बुढ़ापा समय अर्थात सौ वर्ष से पहिले आ ही नहीं सकता।      
डॉ मधु सुदन व्यास

26 जुलाई 2014        

समाज हित में प्रकाशित।आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।

बुधवार, 23 जुलाई 2014

परमात्मा,प्रकृति और पर्यावरण

परमात्मा,प्रकृति और पर्यावरण
    परमात्मा ने अपनी प्रतिकृति के रूप में प्रकृति का निर्माण किया । प्रकृति ने पेड,पौधो,वनस्पतियों के व्दारा धरा को श्रृगारित कर  मानव समाज को पर्यावरण की शुध्दता समर्पित की । वैदिक युग में पर्यावरण के महत्व को जानते हुए पर्यावरण की रक्षा के लिए पूरा मानव समाज समर्पित रहा ,क्योंकि मानव जीवन का अस्तित्व प्रदूषण रहित प्राकृतिक वातावरण से ही था।

सोमवार, 21 जुलाई 2014

Rf140701- कु.नेहा आचार्य, एम,एससी (इनवायरमेंन्‍ट मेनेजमेन्ट)

नाम-           कु.नेहा आचार्य
पिता-           शैलेन्‍द्र आचार्य,  
जन्‍म दिनांक-    12/11/84  
जन्‍म समय-     7/10 पीएम  
जन्‍म स्‍थान-     उज्‍जैन 
शिक्षा-      बी एससी (मायक्रोबायलाजी), एम,एससी (इनवायरमेंन्‍ट मेनेजमेंन्‍ट)
सम्‍पर्क सूत्र-      शैलेन्‍द्र आचार्य, 39 संत नगर उज्‍जैन, मप्र॰  
मो;                     9424099405 
मेल       neha_acharya2000@rediffmail.com
------------------------------------------------------------------------------------------------------------
इसका कोई भी प्रकाशन समाज हित में किया जा रहा हे|सभी समाज जनों से सुझाव/सहायता की अपेक्षा हे|

मंगलवार, 15 जुलाई 2014

सहस्र औदिच्य ब्राह्मण समाज का 2014 का परिचय सम्मेलन।


     सहस्र औदिच्य ब्राह्मण समाज का आगामी परिचय सम्मेलन एक ही दिन उज्जैन एवं इंदोर में दिनांक 21 दिसंबर 2014 को होने जा रहा है। 
    उज्जैन में पिछले 15 वर्षों से परिचय सम्मेलन वरिष्ठ सदस्यों द्वारा युवकों के सहयोग से आयोजित किया जाता रहा है। पिछले वर्ष से यह ज़िम्मेदारी अब युवकों को दे दी गई है। 
    युवकों के नई ऊर्जा के साथ वर्ष 2013 में परिचय सम्मेलन सम्पन्न किया। 
     वर्ष 2013 की एक विशेष बात यह रही की एक सप्ताह के अंतर से दो परिचय सम्मेलन दो अलग युवक आयोजकों द्वारा आयोजित किए गए। दोनों ही सम्मेलन सफल रहे।

शिव के 10 अवतार।

शिव के 10 अवतार।

विष्णु के 24 अवतार हैं इसी प्रकार शिव के 28 अवतार हें। लेकिन उनमें भी जो प्रमुख है उसी की चर्चा की जाती है। जैसे विष्णु के 10 अवतार और शिव के 10 अवतार।

हनुमान, अश्वत्थामा, दुर्वासा, पिप्पलाद, वृषभ (जैन धर्म के पहले तीर्थंकर) आदि सभी भी शिव के अवतार हैं।

शुक्रवार, 4 जुलाई 2014

औदीच्य बंधु पत्रिका 2014

औदीच्य बंधु जुलाई 2014 
                                                              लिंक  क्लिक करें --   डिजिटल लाइब्रेरी
                                                                             "औदीच्य बंधु" वर्ष 2012/2013 एवं
                                                                               अन्य समस्त प्रकाशन देखने के लिए  
















औदीच्य बंधु वर्ष 2014
  1. January   जनवरी  2014 
  2. February फरवरी  2014 
  3. March     मार्च      2014 
  4. April       अप्रैल    2014 
  5. May        मई        2014 
  6. Jun          जून       2014 
  7. July         जुलाई    2014 
======================================================================

समाज हित में प्रकाशित। आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।