13 अप्रैल 2015

एक सन्देश- आपके अपने माता-पिता और बुजुर्ग जो आपसे कहीं दूर रहते हें तो भी आप उनकी मदद कर सकते हें?

एक सन्देश-

आपके अपने माता-पिता और बुजुर्ग जो आपसे कहीं दूर रहते हें तो भी आप उनकी मदद कर सकते हें?

सहायता सहानुभूति की चेन चलाये,!

आपके अपने आपसे दूर रहते हें, और आप उनके काम नही आ पा रहे हें, 
आप उनके सुख दुःख में शामिल होना चाहते हें,, 
उनका अकेलापन दूर करना चाहते हें!

तो ----

आपके आस-पास जो भी अकेले रह रहे, वयोवृद्द हों उनके अकेलापन दूर करने का प्रयत्न करें| विश्वास रखें की आपके अपने जिन तक आप पहुँच न पा रहे हों उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा|

वर्तमान में छोटे होते परिवार, एक या दो संतान और वे भी नोकरी आदि कारणों से दूर, जैसे कारणों से वयोवृद्ध पुरुष स्त्रियों और वरिष्‍ठ नागरिकों को अकेले रहना पड़ रहा है इसे में यह एकान्तता उनमें उदासी या अवसाद उत्पन्न कर रही है||

उनमें कुछ भी करने की इच्छा का न होना, बिना वजह रोने लगना, अशांति या खीझ और बिना किसी बात के नाराज होना, नोजवानो और सामने पड़ने वालों को बुरा-भला बोलना, यदि हमको दिखाई दे रहा है तो समझलें की अव उन्हें किसी अपने की जरुरत है|

आप उनके कोई न भी हों तो भी उनसे बात करें, उनको सुने, अपने छोटे बच्चों को उनके साथ खेलने दें| 
इससे उनमें उत्साह उत्पन्न होगा, उनके जीवन के अनुभवों का लाभ आपको और बच्चो को मिलेगा| उनकी स्मरण शक्ति में सुधार होगा, और स्‍मरण शक्ति ठीक होगी, उलझने दूर होंगी, और यदि उनमें मृत्‍यु अथवा आत्‍महत्‍या का विचार और निराशा आ रही है तो दूर हो जाएगा |

सब लोग एसा करने लगें, और समाज में यह चेन या चेतना फेल जाये तो, इसका लाभ आपके अपने उनको भी मिलेगा जो आपसे दूर हें|

सन्देश को शेयर करें, सभी को इस पुण्य के लिए प्रोत्साहित करें, जय हिन्द|

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डॉ मधु सूदन व्यास|

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2 अप्रैल 2015

औदीच्य बंधु 2015


औदीच्य बंधु अप्रैल 2015, 













औदीच्य बंधु
औदीच्य बंधु सार्वजनिक न्यास द्वारा संचालित,
अखिल भारतीय औदीच्य महासभा का मुख पत्र,
सहस्र औदीच्य ब्राह्मण समाज का हिन्दी भाषा में इंदोर से प्रकाशित मासिक पत्र।
   .डिजिटल प्रकाशन डॉ मधु सूदन व्यास एम आई जी 4/1 प्रगति नगर उज्जैन। 0734-2519707 / 9425379102 E Mail- audichyamp@gmail.com http://audichyabandhu.blogspot.in/   http://audichyabandhu.org/          
  1. औदीच्य बंधु मार्च 2015, चेत्र 2071, वर्ष 91 अंक -3,
  2. औदीच्य बंधु जनवरी 2015 पोष-माघ 2071वर्ष 91 अंक -1,

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 सहस्त्र औदिच्य ब्राम्हण समाज के हित में प्रसारित अखिल भारतीय औदीच्य महासभा का मासिक मुखपत्र

“औदीच्य बंधू”

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16 मार्च 2015

औदीच्य समाज के शोध कार्य में सहयोगी बने और आपका नाम भी सहयोग कर्ताओं में सम्मलित करें|


   
डाॅ. प्रीति पाण्डे -म.प्र.से एकमात्र चयनित प्रतिभा 
अ.भा.औदीच्य महासभा के पूर्व अध्यक्ष स्व.श्री रामचन्द्र जी पाण्डे की बहू डाॅ. प्रीति सतीश पाण्डे उज्जैन को यूनीयन ग्रान्ट कमीशन नई दिल्ली की सम्मानित पोस्ट ‘‘ डाक्टोलर फैलौशिप फार वुमेन ‘‘ पांच वर्ष के लिए प्राप्त हुई है। इस फैलोशिप में मध्य प्रदेश से एक मात्र आपका ही चयन हुआ है, जो औदीच्य समाज के लिए गौरव की बात है। इस शोध कार्य के लिए आपके व्दारा भेजा गया प्रोजेक्ट ‘‘‘आधुनिक मालवा में गुजरात से विस्थापित समुदायों का सामाजिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन ‘‘ स्वीकृत हुआ है। विस्थापित समुदायों में प्रमुख रूप से औदीच्य समुदाय भी है। इस आधार पर औदीच्य समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं एतिहासिक पक्ष को स्पष्ट किया जाना संभव हो सकेगा।

8 मार्च 2015

सस्रोदिच्य ब्राह्मण परिवार में जन्मी स्वर्ण/ रजत कांस्य पदक प्राप्त शिक्षिका एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी- श्रीमती इंदिरा भंडारी-महिला दिवस विशेष 08 मार्च 2015 –औदीच्य बंधू वेव.

महिला दिवस विशेष 08 मार्च 2015 –औदीच्य बंधू वेव
डूंगरपुर राजस्थान के सस्रोदिच्य ब्राह्मण परिवार में जन्मी स्वर्ण/ रजत कांस्य पदक प्राप्त 
शिक्षिका एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी- श्रीमती इंदिरा भंडारी

      वर्तमान में उदयपुर राजस्थान में निवास रत, औदीच्य ब्राह्मण श्रीमती इंदिरा भंडारी W/O जे.पी शर्मा जन्म 10 फ़रवरी 1972 डूंगरपुर राजस्थान में हुआ था| आप वर्तमान में उदयपुर में सीनियर साइंस टीचर और अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी के रूप में विख्यात हें| 
      आपने डूंगर पुर राजस्थान में सेकंडरी शिक्षा, और मोहन लाल सुखाडिया विश्व विद्यालय उदयपुर से अन्य स्नातक/ स्नात्तकोत्तर उपाधि - बीएससी (बायोलोजी), बी एड, / एम् एस सी (कंप्यूटर.) एम् ए (पोलिटिकल साइंस,) प्राप्त की|

1 मार्च 2015

Rm-150301- सुनील शर्मा , M.A. ELGLISH आय 10 लाख, कद- 5.4", जन्म-1979 मांगलिक नहीं, सर्व ब्राह्मण स्वीकार्य,

नाम-                       सुनील शर्मा 
शिक्षा-                      M.A. ELGLISH 

RF-150301 रेखा शर्मा, BA, LLB , कद- 5’ 0” जन्म 1984.

नाम –                                     रेखा शर्मा, 
शिक्षा-                                     BA, LLB and pursing Web-Designing 

27 फ़रवरी 2015

20 फ़रवरी 2015

दृष्टि हीनों के मसीहा- श्री संदीप त्रिवेदी के जज्बे को प्रणाम!

श्री संदीप त्रिवेदी के जज्बे को प्रणाम! 

  बांसवाडा राजस्थान निवासी 30 वर्षीय युवक श्री संदीप त्रिवेदी, पुत्र श्री विजय कुमार और माता हेमलता त्रिवेदी, देवयोग वश तीन वर्ष की आयु में अपने नेत्र दृष्टि खो बेठे, माता-पिता की छत्र-छाया में १९९३ में अंध विद्यालय में प्रवेश कर शीघ्र ही अपने मेधावी होने की बात सिद्ध कर दी| 

  2004 में 12 वी उत्तीर्ण कर 2007, में स्नातक, 2008 में बी एड, 2010 में अंग्रेजी में एम् ए कर व्याख्याता बने और अब 2012 में सीनियर सेकेंडरी स्कुल अजमेर में सामान्य बच्चो को अंग्रेजी पढाते हें| 

महासभा अध्यक्ष माननीय श्री रघुजी की मान प्रतिष्ठा को अपूर्णीय क्षति? -प्रबोध पंड्या उज्जैन|

महासभा अध्यक्ष माननीय श्री रघुजी की मान प्रतिष्ठा को अपूर्णीय क्षति?
 -प्रबोध पंड्या उज्जैन|
काश! राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को इन लोगों ने अँधेरे में ना रखा होता?
महासभा की साधारण सभा में घटित असाधारण दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर हर कोई अपना पक्ष रख रहा है|  श्री मुकेश जी जोशी की ''आंखों देखि''  कुछ को सटीक तो कुछ को अनर्गल लगी|