उदीच्य या औदीच्य का अर्थ है, उदीची या सूर्य के उदित होने की दिशा, भारत का उत्तर पूर्व भू भाग, जहाँ प्रमुख रूप से हिंदी भाषियों का निवास है|
सूचनाये लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सूचनाये लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
लेख आमंत्रित- विषय- हिन्दुओं में विवाह संस्कार दिन में क्यों न करें? वर्ष भर विवाह क्यों नहीं हो सकता?
हिन्दुओं
में विवाह रात्रि में क्यों होने लगे हैं ?
क्या कभी आपने सोंचा है कि हिन्दुओं में रात्रि को विवाह क्यों होने लगे हैं, जबकि हिन्दुओं में रात में शुभकार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है? रात को देर तक जागना और सुबह को देर तक सोने को, राक्षसी प्रव्रत्ति बताया जाता है. रात में जागने वाले को निशाचर कहते हैं| केवल तंत्र सिद्धि करने वालों को ही रात्री में हवन यज्ञ की अनुमति है| वैसे भी प्राचीन समय से ही सनातन धर्मी हिन्दू दिन के प्रकाश में ही शुभ कार्य करने के समर्थक रहे है| तब हिन्दुओं में रात की विवाह की परम्परा कैसे पडी ?
लेख आमंत्रित - लेख आमंत्रित- विषय-
क्या कभी आपने सोंचा है कि हिन्दुओं में रात्रि को विवाह क्यों होने लगे हैं, जबकि हिन्दुओं में रात में शुभकार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है? रात को देर तक जागना और सुबह को देर तक सोने को, राक्षसी प्रव्रत्ति बताया जाता है. रात में जागने वाले को निशाचर कहते हैं| केवल तंत्र सिद्धि करने वालों को ही रात्री में हवन यज्ञ की अनुमति है| वैसे भी प्राचीन समय से ही सनातन धर्मी हिन्दू दिन के प्रकाश में ही शुभ कार्य करने के समर्थक रहे है| तब हिन्दुओं में रात की विवाह की परम्परा कैसे पडी ?
लेख आमंत्रित - लेख आमंत्रित- विषय-
1-
हिन्दुओं में विवाह संस्कार दिन में क्यों न करें?
रात्रि कालीन विवाह विषयक
निम्न (*हिन्दुओं में विवाह रात्रि में क्यों होने लगे हैं ?*)
लेख नीचे देखें (जानकारी) फेस बुक/मिडिया आदि पर देखी जा रही
है|
यदि
हिन्दू समाज में यह परिवर्तन लाया जा सके तो अनावश्यक व्यय जो रात्रि विवाह
में होता है बचा जा सकेगा| प्रदर्शन/ आडम्बर कम होंगे / आदि अनेक लाभ होंगे|
आप देश क्या कहते हें वे इस बारे में मोलिक लेख
के रूप में भेजने का कष्ट करें, लेख औदिच्य बंधू (वेव)
में प्रकाशित होगा, पत्रिकाओं में भी प्रेषित किया जायेगा|
2-
वर्ष भर विवाह क्यों नहीं हो सकता? -
देश में भोगोलिक परिस्थिति/ कृषि कार्य / आवागमन विकल्प /क्षेत्रीय
समस्याएं आदि कई कारणों के चलते विवाह विशेष मुहूर्त में देव प्रबोधनी एकादशी से
देव शयनी एकादशी के मध्य ही संपन्न होते रहे है|
वर्तमान समय में अब एसी कोई समस्या नहीं है|
चार माह तक विवाह करने के स्थान रिक्त रहते हें, विशेष मुहूर्त के चलते उन विशेष दिनों में धर्मशाला, होटल, और विवाह मंडप आदि का व्यय सबके सामर्थ्य से
अधिक हो रहा है| कई हिन्दू जातियों और पंजाब आदि
प्रदशों वर्ष भर किये जाते हें और मुहूर्त न होने से भी कोई हानि नहीं होती|
लाभ यह होता है की आर्थिक संसाधन और बेंड बाजा /घोड़ी / स्थान/ आदि आदि आसानी से कम व्यय पर जुटाए जा सकते हें|
·
तो फिर अब क्यों नहीं
परिवर्तन किया जा सकता?
·
किस काल से और क्यों यह
परम्परा जारी है?
·
इस विषयक प्रमाण क्या
है?
·
आदि आदि अनेक बातों पर
विचार कर लेख आमंत्रित है-
e Mail <audichyamp@gmail.com>
पता - मधु सूदन व्यास
एम् आई जी 4/1 प्रगति नगर उज्जैन mp
०७३४-२५१९७०७
*हिन्दुओं में विवाह रात्रि में क्यों होने लगे हैं ?* लेखक अज्ञात कभी हम अपने पूर्वजों के सामने यह सवाल क्यों नहीं उठाते हैं या स्वयं इस प्रश्न का हल क्यों नहीं खोजते हैं? दरअसल भारत में सभी उत्सव एवं संस्कार दिन में ही किये जाते थे, माँ सीता और द्रौपदी का स्वयंवर भी दिन में ही हुआ था, प्राचीन काल से लेकर मुगलों के आने तक भारत में विवाह दिन में ही हुआ करते थे| मुस्लिम पिशाच* आक्रमणकारियों के भारत पर हमले करने के बाद ही, हिन्दुओं को अपनी कई प्राचीन परम्पराएं तोड़ने को विवश होना पडा था| मुस्लिम पिशाच आक्रमणकारियों द्वारा भारत पर अतिक्रमण करने के बाद भारतीयों पर बहुत अत्याचार किये गये| यह आक्रमणकारी पिशाच हिन्दुओं के विवाह के समय वहां पहुच कर लूटपाट मचाते थे| कामुक अकबर के शासन काल में, जब अत्याचार चरम सीमा पर थे,तो मुग़ल सैनिक हिन्दू लड़कियों को बलपूर्वक उठा लेते थे और उन्हें अपने आकाओं को सौंप देते थे.| भारतीय ज्ञात इतिहास में सबसे पहली बार रात्रि में विवाह सुन्दरी और मुंदरी नाम की दो ब्राह्मण बहनों का हुआ था,जिनका विवाह दुल्ला भट्टी ने अपने संरक्षण में ब्राह्मण युवकों से कराया था. उस समय दुल्ला भट्टी ने अत्याचार के खिलाफ हथियार उठाये थे.| दुल्ला भट्टी ने ऐसी अनेकों लड़कियों को मुगलों से छुडाकर, उनका हिन्दू लड़कों से विवाह कराया था |उसके बाद मुस्लिम आक्रमणकारियों के आतंक से बचने के लिए हिन्दू रात के अँधेरे में विवाह करने लगे.\ लेकिन रात्रि में विवाह करते समय भी यह ध्यान रखा जाता है कि नाच -गाना, दावत,जयमाल, आदि भले ही रात्रि में हो जाए लेकिन वैदिक मन्त्रों के साथ फेरे प्रातः पौ फटने के बाद ही हों.पंजाब से प्रारम्भ हुई परंपरा को पंजाब में ही समाप्त किया गया|
समाज हित में प्रकाशित।आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।
Anil Madhav Dave Central Minister of India
Anil Madhav Dave Central Minister of India
औदीच्यब्राह्मण समाज के यशस्वी जुझारू, व्यक्तित्व - श्री अनिल माधव दवे
को केन्द्रीय मंत्री पद हेतु शुभकामनाएं| -
समाज हित में प्रकाशित।आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।
वैदिक बटुक मन्त्रो पर अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में आमंत्रण -29/03/2014
वैदिक बटुक मन्त्रो पर अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में आमंत्रण -29/03/2014
जय बाबा गुमानदेव हनुमान। राजा विक्रमादित्य को समर्पित विक्रमोत्सव 2071 के अंतर्गत अनुष्ठान मंडपम ज्योतिष अकादमी। एवं म सा रा वे विद्या प्रतिष्ठान के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय वैदिक अंत्याक्षरी, जिसमे वैदिक बटुको द्वारा शुक्ल यजुर्वेद साहिता के वेद मंत्रो पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन दि 29 मार्च 2014 को प्रात 9 बजे बाबा गुमानदेव हनुमान मंदिर पिपलीनाका रोड उज्जैन पर रखा गया है। जिसमे संपूर्ण भारत से वैदिक बटुक मन्त्रो पर अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में शामिल होगे। कारिक्रम पूर्ण निशुल्क हे। जिसमे सभी बटुको को मार्ग व्यय एवं आवास भोजन की व्यवस्था संस्था द्वरा वहन की जायगी। आप सभी वैद प्रेमी सादर आमंत्रित हे।
संयोजक।
पं श्यामनारायण व्यास
राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुष्ठान मंडपम ज्योतिष अकादमी
जय बाबा गुमानदेव हनुमान। राजा विक्रमादित्य को समर्पित विक्रमोत्सव 2071 के अंतर्गत अनुष्ठान मंडपम ज्योतिष अकादमी। एवं म सा रा वे विद्या प्रतिष्ठान के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय वैदिक अंत्याक्षरी, जिसमे वैदिक बटुको द्वारा शुक्ल यजुर्वेद साहिता के वेद मंत्रो पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन दि 29 मार्च 2014 को प्रात 9 बजे बाबा गुमानदेव हनुमान मंदिर पिपलीनाका रोड उज्जैन पर रखा गया है। जिसमे संपूर्ण भारत से वैदिक बटुक मन्त्रो पर अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में शामिल होगे। कारिक्रम पूर्ण निशुल्क हे। जिसमे सभी बटुको को मार्ग व्यय एवं आवास भोजन की व्यवस्था संस्था द्वरा वहन की जायगी। आप सभी वैद प्रेमी सादर आमंत्रित हे।
संयोजक।
पं श्यामनारायण व्यास
राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुष्ठान मंडपम ज्योतिष अकादमी
096669292929
08120456789/
Pt Chandan Vyas
समाज हित में प्रकाशित।
आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।
08120456789/
Pt Chandan Vyas
ऐतिहासिक कार्यों के साक्षी बने।
ऐतिहासिक कार्यों के साक्षी बने। अमृत वर्षा का आनंद प्राप्त करें।
भारतीय संस्कृति को अक्षुण बनाए रखने वाली, जन-जन को एक सूत्र में बाधे रखने वाले सनातन धर्म में नैतिक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किए जाने वाले "मंदिर" का निर्माण अपने आप में एक बहुत ही महत्व पूर्ण घटना होती है। पर इसके साथ ही यदि वैदिक संस्कार "यज्ञोपवीत-संस्कार" "संत समागम" ओर जनमानस को झकझोरने वाले कथा-सूत्रों में सजी "श्रीमद-भागवद कथा" का आयोजन भी हो तो स्वार्गिक अनुभूत का अवसर अनायास ही मिल जाता है।
ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के केन्द्रो की आवश्यकता की पूर्ति के लिए, मानस माधुरी पूज्यनिया दीदी माँ श्री हेमलता जी द्वरा यह संकल्प किया जाकर क्रियान्वयन हेतु उठाया यह कदम सारे हिन्दू समाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
तन-मन-धन से इस पुनीत कार्य में सहयोगी बनेगे इस आशा के साथ सभी आमंत्रित हें।
आइये हम सब मिलकर पावन कार्य में सहयोगी बने।
श्रीस्थल प्रकाश - क्या है?
श्रीस्थल प्रकाश
प्राप्ति स्थान-
श्रीस्थल प्रकाश
किंवा (अथवा) उदीच्य प्रकाश जैसा की नाम से जाना जा सकता है,
श्रीस्थल अर्थात सिद्धपुर में प्रकाशित होने वाले, उत्तर भारत से आए (उदीची)
ब्राह्मणो का संस्कृत वर्णित इतिहास गाथा है। पौराणिक शैली में गुरु- शिष्य संबाद
के रूप में दो खंडो में लिखा गया एक महत्व पूर्ण प्राचीन ग्रंथ है।
मूल स्वरूप के इस
ग्रथ के रचना कार “ ठाकुर पुरुषोत्तम शर्मा” ने ग्रंथ रचना कब की यह शोध का विषय
है। इसका प्रथम गुजराती भाषांतर का प्रकाशन अहमदवाद के श्री ठाकुर प्राण गोविंद राजाराम जी ने किया था।
श्री ठाकुर प्राणगोविंद जी की प्रेरणा से स्व. श्री शास्त्री अमृतराम
करुणा शंकर ठाकर जी ने संबत 1929 (सन 1872) में इस ग्रंथ की अशुद्धियाँ सुधार कर गुजराती
भाषांतर तैयार करवाकर प्रकाशित किया था। यह हिन्दी भाषांतर संबत 2058 सन 2002 में प्रकाशित
इसी ग्रंथ से, जो हमको श्री अजीत
भाई मरफतिया (त्रिवेदी) सिद्धपुर से प्राप्त हुआ था, पर आधारित है।
सहस्र औदीच्य ब्राम्हणौ
से संबन्धित अन्य प्रकाशित पुस्तकों में से प्रमुख रूप से ब्राम्हण उत्पत्ति
मार्तंड, औदिच्य रहस्य, गोत्र प्रवर भास्कर, औदीच्य गोत्रावली, औदीच्य रत्न माला, आदि लघु पुस्तकें इसी श्रीस्थल प्रकाश पर आधारित है।
श्रीस्थल प्रकाश
के प्रथम खंड में प्राचीन श्रीस्थल(सिद्धपुर) ओर वहाँ के पावन तीर्थ स्थानो की
भव्यता का वर्णन है, द्वितीय खंड या उतरार्ध में दसवीं /ग्यारहवीं
सदी, के पाटन(गुजरात) सम्राट मूलराज सोलंकी, का परिचय के साथ प्रायश्चित स्वरूप उनके द्वारा आमंत्रित उत्तर भारत
क्षेत्र के तेजस्वी विद्वान शाके 1037 संवत से अधिक ब्राह्मणो के द्वारा अनुष्टान/
प्रायश्चित यज्ञ/ ओर उन्हे ग्राम दान/ ब्राह्मणो के गोत्र,
अवतंक आदि आदि का वर्णन है।
वर्तमान हिन्दी
भाषी क्षेत्रों में संस्कृत या गुजराती भाषा को जानने की योग्यता न होने से हिन्दी
भाषान्तर की आवश्यकता पूर्त्ति के निमित्त इसका प्रकाशन महासभा द्वारा किया जा रहा
है। 244 मुद्रित प्रष्ट, छह रंगीन फोटो प्रष्ट, ओर
12 अन्य भूमिका आधी के प्रष्टों से युक्त सजिल्द रंगीन ग्लेज्ड आधुनिकतम दोहरे कवर
प्रष्ट से सजी यह 7 ½ गुणा 9 ½ इंच की जिसके
मध्य में राजा मूलराज का ऋषि ब्राह्मणो के स्वागत का चित्र,
ओर आस-पास विंदुसरोवर, भगवान गोविंद माधव, भव्य विखंडित रुद्रमहालय के काल्पनिक चित्र से सजी हें। अंतिम कवर प्रष्ट
पर भग्न रुद्र महालय के चार चित्र के साथ उज्जैन की क्षिप्रा नदी तट पर सिंहस्थ
परिद्रश्य है।
यह आकर्षक ग्रंथ यह कोई कविता कहानी या उपन्यास
की तरह रोचक साहित्य तो नहीं है, पर यह कुल दो सो चौसठ प्रष्ट ओर रु
150/- का यह ग्रंथ जो इसका लागत मूल्य है, हिन्दी भाषी
औदीच्य बंधुओं के घर में रखा जाकर आगामी पीढ़ी को अपनी गौरव पूर्ण संस्कृति ओर
इतिहास से परिचित करवाते रहने का श्रेष्ठ साधन है।
डॉ मधु
सूदन व्यासएम आई जी 4/1 प्रगती नगर उज्जैन 0734-2519707/ e mail-audichyamp@gmail.com
=============================================================================================
समाज हित में प्रकाशित।
आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।
"श्रीस्थल प्रकाश" विमोचन -05/01/214 उज्जैन औदीच्य बंधु वेव समाचार ।
05/01/214 उज्जैन औदीच्य बंधु वेव समाचार ।
| समारोह के अन्य फोटो क्लिक लिंक |
इसमें बहु प्रतिक्षित सहस्र औदीच्य ब्राह्मण के सिद्धपुर से उदय होने की गाथा, जो की सदियों पूर्व संस्कृत लिखित ग्रंथ "श्रीस्थल प्रकाश" का हिन्दी अनुवाद (भाषांतर) है। सभी एक सहस्र सत्रह (ओर अधिक) उदीच्य ब्राह्मणो के गोत्र/प्रवर/कुलदेवी/आदि की जानकारी के साथ उनको मूलराज द्वारा प्रदत्त ग्राम भूमि आदि की जानकारी के साथ इसमें सम्मलित है, साथ ही वर्तमान तक की औदीच्य ब्राह्मण समाज के दुरस्थ स्थानो तक प्रवास/निवास की संक्षिप्त कहानी, हिन्दी में अनूदित होकर अखिल भारतीय औदीच्य महासभा की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष श्री प्रकाश दुबे के नेतृत्व में, डॉ मधु सूदन व्यास, श्री उद्धव जोशी, श्री सोहन पंडया, ओर अन्य कई सहयोगियों की परिश्रम परिणाम प्रस्तुति हिन्दी भाषी औदीच्य ब्राह्मणो के लिए समर्पित की गई। जो अब लागत मूल्य रु-150/- सहयोग राशि में उपलब्ध है। क्रमश: समाचार विस्तार --।
समाज हित में प्रकाशित। आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल आदि, जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें।
आओ कुछ करें - शुष्क जीवन के केनवास पर दाम्पत्य जीवन का रंग भरें।
आओ कुछ करें - शुष्क जीवन के केनवास पर दाम्पत्य जीवन का रंग कैसे भरें?
दाम्पत्य सुख के बिना जीवन का कोई मोल नहीं है। वर्तमान समय की तस्वीर हम सबको दिखाई पड रही है जिसमें कई युवा, आयु की अधिकता, शिक्षा की कमी, वैचारिक भिन्नता, अहं की तुष्टी, आदि कई कारणों से दाम्पत्य जीवन के सुख से वंचित है। ऐसे युवक जीवन में शुष्कता, उदासीनता और अकेलेपन का चोला ओढ कर अपने समय को बीता रहे हैं। समाज के लिये यह स्थिति विस्फोटक है। ऐसे युवकों को जो प्रोढता की पाल पर कदम रखने जा रहे हैं, अपनें शुष्क जीवन के केनवास पर दाम्पत्य जीवन का रंग कैसे भरा जा सकता है। स्वयं को निर्णय करना होगा।
समाज में आज कई बच्चियां अपने वैवाहिक जीवन के मझधार में ही वैधव्यता,परित्यक्ता का जीवन जी रही है । यदि ऐसे युवक जो दाम्पत्य जीवन के सुख से वंचित है, अपनी योग्यता के समकक्ष बच्चियों को अपनाने का साहसिक निर्णय करें तो उनका दामन तो खुशियों से भरेगा ही, दो परिवार भी राहत का दामन थाम सकेगें। सामाजिक समरसता के लिये ऐसा साहिसक निर्णय खुशियों के नये व्दारा खोल सकेगा। इसके लिऐ युवा संगठन, महिला संगठन आदि को आगे आकर ऐसे युवक युवतियों के आत्म विश्वास को बल देना होगा ।
इस महत्वाकांक्षी योजना को आकार देने के लिये सहायता सहित स्व निर्णय, अनमोल सुझाव ओर समर्थन आमंत्रित हें।
सम्पर्क करें ।
E mail audichyamp@gmail.com http://audichyabandhu.blogspot.com
1' डॉ मधुसूदन व्यास,4/1 एमआयजी प्रगतिनगर उज्जैन मो, 9425379102
2.उद्धव जोशी एफ 5/20 एलआयजी ऋषिनगर उज्जैन मो, 9406860899
एक संदेश द्वारा एक भाई ने इस विषय में अधिक जानकारी चाही है।
यदि आप सार्वजनिक नहीं करना चाहते हें तो नहीं किया जाएगा केवल बिना नाम या आइडेंटिटी दिये , आयु/कद/शैक्षणिक योग्यता/वार्षिक आय/ व्यवसाय/ के आधार पर ही वधू के आवेदन हमारे पते पर प्राप्त किए जा सकेंगे या निजी संपर्क के द्वारा देखे जा सकेंगे। हमे आपके लिए तलाश में मदद करेंगे ,इसके लिए भी अपना पूरा बायो डाटा फोटो सहित भेजें साथ ही बतलावे की क्या इस बात को प्रचारित करना हे या गोपनीय रखना है, फोटो का उपयोग भी केवल निजी तोर पर ही होगा।यदि प्रचारित किया जा सके तो जल्दी ओर अच्छे विकल्प मी सकते हें , जानकारी audichyamp@gmail.com पर प्रेषित करें।
------------------------------------------------------------------------------------------------------------
हिन्दी में लिखे सॉफ्ट वेयर
जिन्हें कंप्यूटर पर सीधे देवनागरी में लिखने की विधि नहीं पता और वे सीधे देवनागरी आदि किसी अन्य भारतीय भाषा में भी लिखना चाहते हैं, वे माइक्रोसॉफ्ट का इंडिक लैंगवेज़ इनपुट टूल यहाँ से अपने कंप्यूटर में संस्थापित कर लें।
डाउन लोड करने क्लिक करें
माइक्रोसॉफ्ट इंडिक भाषा इनपुट उपकरण से आप Microsoft Windows में किसी भी एप्लीकेशन या वेब पर किसी भी पेज[फेस बुक सहित] पर भारतीय भाषा मे लेखन हेतु आसानी से मदद करता है । प्राथमिक इनपुट तंत्र लिप्यंतरण [ transliterate ] संपादन के साथ है। इसके अतिरिक्त, यह शब्द ठीक से हे कि नहीं, की सहायता के लिए एक दृश्य कुंजीपटल प्रदान करता है।
माइक्रोसॉफ्ट इंडिक भाषा इनपुट उपकरण से आप Microsoft Windows में किसी भी एप्लीकेशन या वेब पर किसी भी पेज[फेस बुक सहित] पर भारतीय भाषा मे लेखन हेतु आसानी से मदद करता है । प्राथमिक इनपुट तंत्र लिप्यंतरण [ transliterate ] संपादन के साथ है। इसके अतिरिक्त, यह शब्द ठीक से हे कि नहीं, की सहायता के लिए एक दृश्य कुंजीपटल प्रदान करता है।
औदीच्य दिवस -श्री गोविंद माधव जयंती समारोह -आमंत्रण
उज्जैन 19 नवम्बर 2012 अखिल भारतीय औदीच्य महासभा म.प्र. की उज्जैन जिला शहर एवं ग्रामीण शाखा के तत्वावधान मेँ आयोजित होने जा रहे श्री गोविद माधव जयंती समारोह का समस्त स्वजाति बंधुओं को आमंत्रण अध्यक्ष द्वय शहर एवं ग्रामीण प.सोहन भट्ट एवं पटेल सत्यनारायन त्रिवेदी द्वारा दिया गया हे। महिला संगठन युवा शाखा द्वारा भी सभी परिजनो से उतसह पूर्वक शामिल होने का आग्रह किया गया हे। चल समारोह के पश्चात समस्त जाती बंधुओ को सह भोज, प्रशाद मेँ भी सम्मलित होने का आग्रह किया गया हे। पूरा विवरण देखें प्रपत्र संलग्न।
========================================================================
इस साईट पर उपलब्ध लेखों में विचार के लिए लेखक/प्रस्तुतकर्ता स्वयं जिम्मेदार हे| इसका कोई भी प्रकाशन समाज हित में किया जा रहा हे|सभी समाज जनों से सुझाव/सहायता की अपेक्षा हे|
औदिच्य ब्राम्हणों की जन्म स्थली सिद्धपुर गुजरात की यात्रा
आज दिनांक 17 अगस्त को मिली ताजा जानकारी के अनुसार समस्त औदिच्य बंधुओं में यात्रा के प्रति बड़ा उत्साह देखने मिल रहा हे। समाचार अनुसार यात्रा में शामिल होने हेतु 216 समाज जनमें जिनमे कई सपत्निक हें जाने के लिए तैयार हें। क्षीरसागर धर्मशाला में यात्रा के प्रबंधक श्री सत्यनारायण जी त्रिवेदी अपने कई साथियों सहित पहुच कर व्यवस्था जुटा रहे हें। पूर्व में सोच गया था की लगभग 150 यात्री रहेंगे इसके अनुसार 4 बसे की गई थी पर अब एक और बड़ा दी गई हे। यही नहीं कई लगभग 30 से 50 तक औदिच्य बंधू अपने निजी वाहनों से या ट्रेन से भी पहुच रहे हें। अखिल भारतीय औदिच्य महासभा के अध्यक्ष श्री रघुनंदन जी शर्मा सासद राज्यसभा भी अपने साथियों सहित सिद्धपुर पहुच कर स्थानीय कार्यक्रम में शामिल रहेंगे। यात्रा की विदाई के लिए इच्छुक समाज जन औदिच्य धर्मशाला क्षीरसागर उज्जैन दिनांक 18/08/2012 प्रात: 08 बजे पूर्व पहुचने का कष्ट करें।
==================================================
केवल औदिच्य ब्राम्हणों के लिए -औदिच्य ब्राम्हणों की जन्म स्थली सिद्धपुर गुजरात सहित सोमनाथ.द्वारका की यात्रा दि- 18/08/2012 से 24/08/2012 को उज्जैन से जा रही हे | विस्तार से देखे |
संपर्क श्री सत्यनारायण जी त्रिवेदी मोब- ०९७५२८४४०१६ अंतिम तिथि संपर्क १५/अगस्त 2012
केवल औदिच्य ब्राम्हणों के लिए -औदिच्य ब्राम्हणों की जन्म स्थली सिद्धपुर गुजरात सहित सोमनाथ.द्वारका अदि की यात्रा दिनक १8/०८/२०१२ से २४/०८/२०१२ को उज्जैन से जा रही हे | विस्तार से देखे |
संपर्क श्री सत्यनारायण जी त्रिवेदी मोब- ०९७५२८४४०१६ अंतिम तिथि संपर्क १५/अगस्त 2012इस साईट पर उपलब्ध लेखों में विचार के लिए लेखक/प्रस्तुतकर्ता स्वयं जिम्मेदार हे| इसका कोई भी प्रकाशन समाज हित में किया जा रहा हे|सभी समाज जनों से सुझाव/सहायता की अपेक्षा हे|
औदीच्य बंधु - पाठक एवं पोस्ट सम्बन्धी आंकड़े / जानकारियां।

दिनांक 26/05/2012
औदीच्य बंधु के समस्त पाठकों को धन्यवाद। आप सब इसे पड़ रहे हें , लाभ ले रहे हें । इससे मेरा उत्साह बहुत बड़ा हें । में इसे और अधिक प्रभावशाली बनाने की कोशिश निरंतर करता रहूँगा। पर मुझे आप सबके सहयोग और आशीर्वाद की भी सदेव आवश्यकता रहेगी।
इस साईट को लगभग 6 माह हो रहे हें। इस दोरान इसका लाभ कितना हुआ हें इसकी जानकारी के उद्देश्य से यह आंकडे प्रस्तुत हे। हालाँकि देखने वाले आंकड़ों की तुलना में टिप्पणिया बहुत कम हें । फिर भी संतोष की बात यह हे की सारे विश्व में इसे रूचि से पड़ा/देखा जा रहा हे । सर्वाधिक पसंद की जारही पोस्टों में वर/वधु के विज्ञापन, स्वगत सद्वाक्य , सामयिक लेख ,समाचार-सूचनाये, एवं फोटो एल्बम हें।
औदीच्य बंधू का डिजटल प्रकाशन भी विदेशो में अधिक पड़ा जा रहा हे।
सर्व औदीच्य ब्राम्हण समाज का सम्मलेन

उज्जैन २२/०५/२०१२
सर्व औदीच्य ब्राम्हण समाज का सम्मलेन एवं अखिल भारतीय औदीच्य महासभा तहसील इकाई बडनगर जिला उज्जैन म. प्र. की कार्यकारिणी सदस्यों का शपथ विधि कार्यक्रम का आयोजन दिनांक २७ मई २०१२ को प्रात: १० बजे से औदीच्य ब्राम्हण समाज धर्मशाला ,जुना शहर बडनगर जिला उज्जैन में आयोजित होने जा रहा हे |
इसमें समस्त औदीच्य ब्राम्हण जिनमे इस क्षेत्र में बसे हुए सहस्त्र औदीच्य छोटी/बड़ी सँभा, टोलकिया, मारू,बांगड़,गोरवाल, आदि आदी सभी औदीच्य ब्राम्हण आमंत्रित किये जा रहे हें |
आयोजको ने इसमें सभी को आमंत्रित करने के लिए कई संपर्को का सहारा भी लिया हे ,पर यह भी निश्चित हे की कई विभूतियों को सूचित नहीं कर पाए होंगे , इस साईट के
माध्यम से सभी को आमंत्रित किया जा रहा हे |
कृपया इस प्रकार के सभी महानुभवो को पाठक आयोजको की और से निमंत्रित कर दे | निमंत्रण दाता आप या वे महानुभाव अपने आने की जानकारी श्री प्रकाश जी दुबे अध्यक्ष अ. भा. औदीच्य महासभा म. प्र. इकाई 41, विद्या नगर उज्जैन/ टेलीफोन न .0734-2514343/ मोबा .9424085592 पर दे सकें तो स्वागत करने में प्रसन्नता होगी |
डॉ मधु सूदन व्यास उपाध्यक्ष , अ.भा.ओ.महासभा म.प्र.इकाई, उज्जैन म. प्र.
इसमें समस्त औदीच्य ब्राम्हण जिनमे इस क्षेत्र में बसे हुए सहस्त्र औदीच्य छोटी/बड़ी सँभा, टोलकिया, मारू,बांगड़,गोरवाल, आदि आदी सभी औदीच्य ब्राम्हण आमंत्रित किये जा रहे हें |
आयोजको ने इसमें सभी को आमंत्रित करने के लिए कई संपर्को का सहारा भी लिया हे ,पर यह भी निश्चित हे की कई विभूतियों को सूचित नहीं कर पाए होंगे , इस साईट के
माध्यम से सभी को आमंत्रित किया जा रहा हे |
कृपया इस प्रकार के सभी महानुभवो को पाठक आयोजको की और से निमंत्रित कर दे | निमंत्रण दाता आप या वे महानुभाव अपने आने की जानकारी श्री प्रकाश जी दुबे अध्यक्ष अ. भा. औदीच्य महासभा म. प्र. इकाई 41, विद्या नगर उज्जैन/ टेलीफोन न .0734-2514343/ मोबा .9424085592 पर दे सकें तो स्वागत करने में प्रसन्नता होगी |
डॉ मधु सूदन व्यास उपाध्यक्ष , अ.भा.ओ.महासभा म.प्र.इकाई, उज्जैन म. प्र.
महिला एवं सम्मान समारोह

किया जा रहा हे | अनुमान हे की इस महिला एवं सम्मान समारोह में दो हजार से अधिक समाज जनों की उपस्थिति रहेगी| इस समाचार को पड़ने वाले सभी समाज जन भी आमंत्रित हें|

======================================================================
अखिल भारतीय औदीच्य महासभा का संविधान संशोधन पारित
| CLIK-फोटो गेलरी देखें |
उज्जैन- ८/०४/२०१२ -
द्वारा - डॉ मधुसुदन व्यास
अखिल भारतीय औदीच्य महासभा की
कार्यकारिणी की बैठक
अखिल भारतीय औदिच्य महासभा मध्यप्रदेश इकाई का प्रष्ट प्रकाशित।
अखिल भारतीय औदिच्य महासभा मध्यप्रदेश इकाई
का प्रष्ट प्रकाशित ।
अखिल भारतीय औदिच्य महासभा मध्यप्रदेश इकाई के पदाधिकारियों,संरक्षक एवं विशेष संरक्षक सदस्यों की जो सूचिया प्रदेश कार्यालय उज्जैन में प्राप्त हो गई हें,इस साईट के पेज (अखिल भारतीय औदिच्य महासभा मध्यप्रदेश इकाई- ऊपर हेडिंग में दर्ज
दिनांक 17 मार्च 2012 शनिवार, को प्रदेश के जिला अध्यक्ष व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों की आवश्यक बैठक आयोजित
समस्त जिला अध्यक्ष,
प्रदेश कार्य कारिणी सदस्य।
विषय - महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक दिनांक-.7 अप्रेल 2012 शनिवार, व साधारणसभा की बैठक दिनांक 8 अप्रेल 2012 को आयोजित ह़े। बैठक के पूर्व दिनांक 17 मार्च 2012 शनिवार, को प्रदेश के जिला अध्यक्ष व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों की आवश्यक बैठक आयोजित होगी।
श्री समस्त जिला अध्यक्ष म. प्र. इकाई को सूचनार्थ
आपको सूचित करते हुए हर्ष हें, कि महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिनांक 7 अप्रेल 2012 शनिवार को व महासभा की साधारण सभा की बैठक दिनाक 8 अप्रेल 2012 रविबार को प्रात: 9 बजे से प्रेम छाया परिसर उज्जैन में, आयोजित हो रही हे । साधारण सभा की बैठक में आपको उपस्थित रहना हे।
उपरोक्त दोनों बैठकों के पूर्व आवश्यक व्यवस्था एवं तेयारियों की द्रष्टि से प्रदेश के जिला अध्यक्ष और प्रदेश कार्य कारिणी सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 17 मार्च 2012 शनिवार प्रात: 11 बजे से स्थानीय महामालव औदीच्य समाज धर्मशाला क्षीर सागर, पर आयोजित की जा रही हे । बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रघुनन्दन जी शर्मा आवश्यक मार्गदर्शन देंगे। बैठक में प्रदेश के युवा व महिला अध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे । आप अपने जिले की महासभा सदस्यता की अद्यतन जानकारी साथ लायेंगे। इस बैठक में जिला अध्यक्ष और महामंत्रियों की उपस्थिति अनिवार्य हे। आप जिले की जानकारी के साथ समय पूर्व उपस्थित रहे।
बैठक दिनाक- 17 - मार्च -शनिवार प्रात: 11 बजे। स्थान- महामालव औदीच्य धर्मशाला क्षीरसागर उज्जैन
सादर आमंत्रित,
श्री समस्त युवा एवं महिला जिला अध्यक्ष म.प्र.
इस बैठक में आपकी उपस्थिति सादर प्रार्थित ह़े।
------------------------------------------------------------------------------------------------------
इस साईट पर उपलब्ध लेखों में विचार के लिए लेखक/प्रस्तुतकर्ता स्वयं जिम्मेदार हे| इसका कोई भी प्रकाशन समाज हित में किया जा रहा हे|सभी समाज जनों से सुझाव/सहायता की अपेक्षा हे|
श्री समस्त जिला अध्यक्ष म. प्र. इकाई को सूचनार्थ
आपको सूचित करते हुए हर्ष हें, कि महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिनांक 7 अप्रेल 2012 शनिवार को व महासभा की साधारण सभा की बैठक दिनाक 8 अप्रेल 2012 रविबार को प्रात: 9 बजे से प्रेम छाया परिसर उज्जैन में, आयोजित हो रही हे । साधारण सभा की बैठक में आपको उपस्थित रहना हे।
उपरोक्त दोनों बैठकों के पूर्व आवश्यक व्यवस्था एवं तेयारियों की द्रष्टि से प्रदेश के जिला अध्यक्ष और प्रदेश कार्य कारिणी सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 17 मार्च 2012 शनिवार प्रात: 11 बजे से स्थानीय महामालव औदीच्य समाज धर्मशाला क्षीर सागर, पर आयोजित की जा रही हे । बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रघुनन्दन जी शर्मा आवश्यक मार्गदर्शन देंगे। बैठक में प्रदेश के युवा व महिला अध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे । आप अपने जिले की महासभा सदस्यता की अद्यतन जानकारी साथ लायेंगे। इस बैठक में जिला अध्यक्ष और महामंत्रियों की उपस्थिति अनिवार्य हे। आप जिले की जानकारी के साथ समय पूर्व उपस्थित रहे।
अध्यक्ष
बैठक दिनाक- 17 - मार्च -शनिवार प्रात: 11 बजे। स्थान- महामालव औदीच्य धर्मशाला क्षीरसागर उज्जैन
सादर आमंत्रित,
श्री समस्त युवा एवं महिला जिला अध्यक्ष म.प्र.
इस बैठक में आपकी उपस्थिति सादर प्रार्थित ह़े।
अध्यक्ष
प्रकाश दुबे
अखिल भारतीय औदिच्य महासभा म. प्र. इकाई
------------------------------------------------------------------------------------------------------
इस साईट पर उपलब्ध लेखों में विचार के लिए लेखक/प्रस्तुतकर्ता स्वयं जिम्मेदार हे| इसका कोई भी प्रकाशन समाज हित में किया जा रहा हे|सभी समाज जनों से सुझाव/सहायता की अपेक्षा हे|
सदस्यता लें
संदेश (Atom)







.jpg)


