सृष्टि की रचना का दिन-सरोज शर्मा



                                                                              सरोज शर्मा 



हमारा नववर्ष चैत्र शुक्लपक्ष की प्रतिप्रदा को आरम्भ
होता है|
 ( जोकि इस बार 23मार्च को पड़ रही है )
और हम इसे सम्वत्सर के नाम से जानते हैं
इस दिन का सनातन समाज में अत्यंत महत्व है|
1 इसी दिन
सृष्टि की रचना हुई.
2 भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक
3 युधिष्ठिर का राज्याभिषेक
4 सम्राट विक्रमादित्यका चक्रवर्ती बनऩा
5 वीर शिवाजी राव के राज्य की स्थापना दिवस
6 इसके अलावा नवरात्रि आरम्भ,

और भी कई महत्वपूर्ण पर्व होते हैँ.

अब हम कुछ तुलना करेंगे अंग्रेजों के नये वर्षारम्भ और सनातनी नव सम्वत्सर केभेदों पर,
हमारा नव सम्वत्सर आरम्भ होता है, प्रभात की प्रथम किरण के साथ जोकि प्रत्येक जीव के लिये कल्याणकारी होती है जबकि अंग्रेज़ी नयासाल आरम्भ होता है रात को बारह बजे जो चोर प्रजाति का शुभ समय होता है.
वाह वाह!
हमारा नव सम्वत्सर का आरम्भ होता है पूजा-अर्चना के साथ जबकि अंग्रेज़ी नया साल आरम्भ होता है दारू और व्यभिचार के साथ
क्या बात है?

हमारा नव सम्वत्सर का आरम्भ होता है कल्याणकारी व प्रभावशाली अनुकूल तिथि के साथ जबकि,

 अंग्रेज़ी नया साल आरम्भ होता है जब तिथियां सबसे ज्यादा अनिष्टकारी होती है.
 (वेदों के आधार पर उस समय शुक्र डूबा होता है और कोई भी मांगलिक कार्य करना निषिद्ध होता है ) 

तो मित्रों तन्मयता से विचार करो कि हमारा नव सम्वत्सर का स्थान अंग्रेज़ी नये साल की अपेक्षा अधिकाधिक शुभ है
आप सभी को नव सम्वत्सर 2069 ( २०६९ ) की
हार्दिक शुभकामनाएँ व बधाई,
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